बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले के चास प्रखंड में एक छोटे सा गांव काशीझरिया है. यहां गांव के मेहनती किसान समाधी गोप ने 2 एकड़ जमीन पर मक्का की खेती की है. इस मक्का खी खेती से किसान दोगुना कमाई कर रहे हैं. इसके साथ ही अन्य किसानों को दोगुना मुनाफे वाली इस फसल के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.
किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले समाधी गोप ने लोकल 18 से बताया कि उनके पूर्वज भी खेती करते थे. ऐसे में उन्होंने ने भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए मक्का की खेती शुरू की, जिससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आ गया. वह पिछले 5 सालों से वह मक्का की खेती कर रहे हैं. इस खेती से घर बैठे वह दोगुनी कमाई भी कर रहे हैं.
किसान समाधी ने बताया कि उन्हें मक्का की खेती की प्रेरणा बोकारो कृषि विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न ट्रेनिंग कार्यक्रमों से मिली. जहां से उन्होंने मक्का की खेती के बेहतर गुर सीखे. उन्होंने बताया कि मक्का की फसल 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है और इसका बाजार मूल्य भी अच्छा मिलता है. मक्का लगाने का सही समय फरवरी-मार्च और अगस्त का महीना होता है.
वहीं, मक्का की फसल की देखभाल के संबंध में किसान समाधी ने बताया कि इसमें सबसे अधिक ध्यान पटवन पर देना होता है. मक्का की फसल के लिए सबसे बड़ा खतरा तना छेदक होता है. इससे किसानों का नुकसान हो सकता है.
Agriculture News: बोकारो के किसान समाधी गोप ने 2 एकड़ जमीन पर मक्का की खेती से दोगुनी कमाई की है. 5 साल से खेती कर रहे समाधी ने कृषि विभाग की ट्रेनिंग से प्रेरणा ली और अन्य किसानों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं.
